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हरिद्वार में दिव्यता और भव्यता के साथ संपन्न हुआ योग योगेश्वर महाप्रभु श्री रामलाल जी भगवान का शुभ जन्मोत्सव

स्थान: हर की पौड़ी, नियर क्लॉक टावर, हरिद्वार, 6 अप्रैल – योग और सनातन धर्म की पुनः प्रतिष्ठा हेतु इस धरती पर अवतरित योग योगेश्वर महाप्रभु श्री रामलाल जी भगवान के शुभ जन्मोत्सव का दिव्य आयोजन आज हरिद्वार के पावन तीर्थ हर की पौड़ी (नियर क्लॉक टावर) पर अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और दिव्यता के साथ संपन्न हुआ।

इस ऐतिहासिक आयोजन का नेतृत्व परम पूज्य स्वामी अमित देव जी महाराज के पावन मार्गदर्शन में श्री योग अभ्यास आश्रम ट्रस्ट द्वारा किया गया। देशभर के विभिन्न शहरों—विजयवाड़ा, जगाधरी, यमुनानगर, अंबाला, करनाल, पानीपत, रोहतक, दिल्ली, सोनीपत—से हज़ारों श्रद्धालुओं ने इस आयोजन में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा एवं भावप्रवण वातावरण का अनुभव किया।

प्रमुख अनुष्ठान एवं कार्यक्रम:

महामंत्रोच्चार के साथ पावन दिवस का आरंभ

गंगाजल अभिषेक एवं श्री विग्रह का आकर्षक श्रृंगार

वैदिक हवन, कलश पूजन, एवं सैकड़ों भक्तों की सहभागिता

आरती, संकीर्तन, एवं ध्यान योग से वातावरण हुआ पूर्णतः दिव्य

श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक महाप्रसाद वितरण

आयोजन की सफलता में मुख्य कार्यकारी मंडल की भूमिका

इस भव्य आयोजन को साकार करने में जिन समर्पित सेवकों की विशेष भूमिका रही, वह “मुख्य कार्यकारी मंडल” निम्नलिखित है:

श्री महेश चंद गोयल जी

श्री राजेंद्र बजाज जी

श्री रवि भूषण चावला जी

श्री अंकुश ओहरी जी

श्री राजीव तनेजा जी – जिन्होंने अपने भावपूर्ण भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर किया

आचार्य रजनीश जी

योगाचार्य मंगेश त्रिवेदी जी

योगाचार्य विनय भाटिया जी

इन सभी ने अद्वितीय समर्पण, संगठनात्मक कौशल एवं प्रेमपूर्ण सेवा से आयोजन को दिव्यता, भव्यता और गरिमा प्रदान की।

गुरुदेव के प्रशिक्षित योग शिक्षक, विद्यार्थी एवं संगी स्तुतिकर्ता

गुरुदेव के प्रशिक्षित योग शिक्षकों एवं विद्यार्थियों—योगाचार्य शशिकांत शाक्य, लक्ष्मी गिरी, कोमल, मीनाक्षी, दीपा, नितिका, मानवी और यश—ने अपनी योग प्रस्तुतियों के माध्यम से जनसमूह को पूर्णतः मंत्रमुग्ध कर दिया और योग की आध्यात्मिक गरिमा का सजीव प्रदर्शन किया।

स्वामी जी के अनुज योगाचार्य नित्यानंद जी, योगाचार्य कार्तिकेय जी एवं देवेश देव ने भावपूर्ण रूप से गुरुदेव के संग गुरुदेव की स्तुति प्रस्तुत कर सभी श्रद्धालुओं को गहराई से भावविभोर किया।

इन सभी ने प्रशासन और श्री गंगा महासभा के सहयोग से आयोजन को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं संगठित रूप प्रदान किया।

दिव्य भविष्यवाणी की स्मृति

इस शुभ अवसर पर महर्षि काकभुशुंडी जी की वह दिव्य भविष्यवाणी भी स्मरण कराई गई जिसमें उन्होंने काकनदी तट पर कहा था:
“एक दिव्य योगावतार इस धरती पर जन्म लेगा, जो धर्म की पुनर्स्थापना करेगा, योग को जन-जन तक पहुँचाएगा और विश्व में संतुलन व शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा।” श्रद्धालु इस भविष्यवाणी की पूर्णता महाप्रभु श्री रामलाल जी भगवान के रूप में देखते हैं।

हर की पौड़ी का आध्यात्मिक महत्त्व

हर की पौड़ी, जहाँ माँ गंगा स्वयं प्रकट हुईं, इस आयोजन का साक्षी बनकर एक युगांतकारी आध्यात्मिक घटना का केंद्र बनी। यह आयोजन सनातन संस्कृति की जीवंत परंपरा और भारत की आध्यात्मिक चेतना की अमिट छाप बनकर उभरा।

संयोजक:
महेश चंद गोयल – ‪+91 9811150849‬
राजेंद्र बजाज – ‪+91 9812084753‬

आयोजक संस्था:
श्री योग अभ्यास आश्रम ट्रस्ट
वेबसाइट: www.syaat.org | www.yog.guru

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